मार्च 2026 में भारत के कई हिस्सों से LPG Gas Cylinder की कमी की खबरें सामने आ रही हैं। बताया जा रहा है कि मिडिल ईस्ट में अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते युद्ध और तनाव के कारण वैश्विक ऊर्जा सप्लाई प्रभावित हुई है। इसका असर भारत की गैस सप्लाई चेन पर भी पड़ा है। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा पश्चिम एशिया (गल्फ देशों) से आयात करता है। ऐसे में वहां तनाव बढ़ने से गैस की सप्लाई धीमी हो गई, जिससे कई राज्यों में लोगों को LPG Gas Cylinder लेने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
LPG Gas Cylinder की कमी क्यों हो रही है?
इस संकट के पीछे मुख्य कारण मिडिल ईस्ट में चल रहा युद्ध और सप्लाई चेन का प्रभावित होना बताया जा रहा है।
- भारत में इस्तेमाल होने वाली LPG का बड़ा हिस्सा गल्फ देशों से आता है।
- युद्ध और समुद्री मार्गों में अस्थिरता के कारण गैस शिपमेंट में देरी हो रही है।
- इससे देश में गैस का स्टॉक कम हो गया है और सप्लाई प्रभावित हुई है।
इसी वजह से कई शहरों में LPG Gas Cylinder की डिलीवरी में देरी देखने को मिल रही है।
कमर्शियल गैस सिलेंडर पर लगी अस्थायी रोक
सरकार ने घरेलू उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए कमर्शियल LPG सिलेंडर की सप्लाई अस्थायी रूप से सीमित कर दी है।
इसका असर सीधे तौर पर होटल, रेस्टोरेंट और कैटरिंग इंडस्ट्री पर पड़ा है।
- कई शहरों में रेस्टोरेंट को गैस सिलेंडर नहीं मिल रहे।
- शादी-ब्याह और बड़े कार्यक्रमों में भी परेशानी हो रही है।
- कुछ छोटे रेस्टोरेंट को अस्थायी रूप से बंद करने की नौबत आ गई है।
LPG सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी
गैस की कमी के बीच LPG सिलेंडर की कीमतों में भी बढ़ोतरी देखी गई है।
- घरेलू गैस सिलेंडर के दाम में लगभग ₹60 तक की बढ़ोतरी
- कमर्शियल सिलेंडर में लगभग ₹115 तक की वृद्धि
विशेषज्ञों का कहना है कि अगर वैश्विक तनाव लंबे समय तक जारी रहता है तो कीमतों में और बदलाव हो सकता है।
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कई राज्यों में बुकिंग के बाद लंबा इंतजार
भारत के कई राज्यों में उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडर के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है।
खासकर इन राज्यों में समस्या ज्यादा देखी जा रही है:
- उत्तर प्रदेश
- बिहार
- दिल्ली
- राजस्थान
कई जगहों पर गैस एजेंसियों के बाहर लंबी लाइनें देखी गई हैं। कुछ उपभोक्ताओं को सिलेंडर मिलने में 20 से 25 दिन तक का वेटिंग पीरियड बताया जा रहा है।
लोग अपनाने लगे वैकल्पिक विकल्प
गैस की कमी और बढ़ती कीमतों के कारण अब लोग खाना बनाने के दूसरे विकल्प तलाश रहे हैं।
इनकी मांग तेजी से बढ़ी है:
- इंडक्शन कुकटॉप
- इलेक्ट्रिक कुकटॉप
- हॉट प्लेट
इलेक्ट्रॉनिक बाजारों में इन उपकरणों की बिक्री में अचानक बढ़ोतरी देखी जा रही है।
सरकार और तेल कंपनियों की क्या तैयारी है?
सरकार और तेल कंपनियों ने स्थिति को संभालने के लिए कुछ कदम उठाए हैं।
- घरेलू स्तर पर गैस उत्पादन बढ़ाने की कोशिश
- नए सप्लाई रूट तलाशना
- स्टॉक मैनेजमेंट को मजबूत करना
बताया जा रहा है कि कंपनियां जैसे रिलायंस इंडस्ट्रीज और अन्य तेल कंपनियां गैस की आपूर्ति सामान्य करने के लिए काम कर रही हैं।
क्या यह संकट लंबे समय तक रहेगा?
अधिकारियों के अनुसार यह संकट फिलहाल अस्थायी माना जा रहा है। यदि मिडिल ईस्ट की स्थिति जल्द सामान्य हो जाती है तो भारत में गैस सप्लाई भी धीरे-धीरे सामान्य हो सकती है। सरकार का कहना है कि घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता दी जाएगी, ताकि आम लोगों को ज्यादा परेशानी न हो।
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